शुक्रवार, जून 13, 2008

मेरा ओरकुट प्रोफाइल

http://www.orkut.co.in/Profile.aspx?uid=419794994931575218

कवि की कामना

यदि दो-चार जिंदगियों में भी
खुशियों के उजाले ला सकूं
तो वह कविता मे सब लोगों
की जिंदगी मे उजाला लाने की
कामना से बेहतर होगा
क्योंकि
जीवन से कटी कविता
और डोर से कटी पतंग
आखिर किस काम के ?

०६-०९-२००७
११:५० पूर्वाह्न