शुक्रवार, जुलाई 28, 2017

मन का टुकड़ा मनका बनाकर

मन का टुकड़ा
मनका बनाकर
मनबसिया का ध्यान करूं |

प्रेम की राह बहुत ही जटिल है ;
चल- चल कर आसान करूं |

(१५ जुलाई २०१७, रात्रि  )

भागते भूत की लंगोटी

मन मोती-सा, हृदय कोयला, बुद्धि रह गयी थोथी |
प्यार में भागते भूत को पकड़ा,
हाथ न आयी लंगोटी |

(१५ जुलाई २०१७, रात्रि )

मंगलवार, फ़रवरी 14, 2017

प्रेम पंखुरियां

प्रेम नही होता जग में तो कितना अच्छा होता |
ऐसे ही बिन बात के ना कोई  हँसता, ना कोई  रोता ||

प्रेम किये दुःख होत है, यह जानत हर कोय |
फिर भी प्रेम के चंगुल से बांच सका ना कोय ||

प्रेम घृणा में, घृणा प्रेम में ऐसे आवृत्त है |
प्रेम से घृणा,घृणा से प्रेम- एक ही वृत्त है ||

प्यार करना है सरल, मुश्किल निभाना है |
प्रेम पथ में ना है मंजिल, ना ठिकाना है ||

प्रेम को जो ना जाने,वो हैं पीटे ढिंढोरा |
प्रेम के पंडित अक्सर ही खामोश देखे हैं  ||

प्रेम पंथ है अति कठिन, नट की रस्सी जान  |
एक चूक भी गर हुई, ना बच पाए प्राण ||

आभासी दुनिया के बाशिंदे क्या बूझेंगे प्यार |
लाभ-हानि के गणित से परे, है प्रेम व्यवहार ||

प्रेम  भुला देता है सारी दुनियादारी |
दुनियादारी को अक्सर प्रेम याद आता है ||


शनिवार, फ़रवरी 11, 2017

शम्मा जलती है...

शम्मा जलती है, धुवाँ  होता है |
सामने मौत का कुआँ होता है |
जिसमे परवाना पानी ढूंढें फिरता है |
हश्र आँखों के आगे तिरता है |


इश्क़ एक बेवकूफी है जो अक्सर
समझदार लोग किया करते हैं |

रविवार, जनवरी 01, 2017

नववर्ष 2017 की शुभकामनाएँ

बदल गया कैलेंडर और डायरियां बदली |
इनके सिवा और क्या बदला, नहीं पता  ||


काश कि कुछ और भी बदल पाए ||
मसलन, चलो कुछ पेड़-पौधें लगायें ,
या किन्हीं बेसहारों का सहारा बने ,
मदद करें उनकी जो है उसके हक़दार,
खुशबू बांटें, खुशियाँ बांटे, बांटे थोडा प्यार |


दिल से क्षमा मांगे अगर दुखाये हो दिल-
बातें करें उन अपनों से जो
आपके फ़ोन का करते हैं बेसब्री से इंतजार |
जिनसे अकारण घृणा की हो,
उनपर लुटाये ढेर-सारा प्यार |


कंधे पर लदे अपेक्षाओं के बोझ को करे हल्का
जिनके काम न कर पाए, उनसे कर ले
ईमानदारी भरी क्षमाप्रार्थना |
नजरे न चुराए, सामने आये, मन मिलाये |
खुदा नहीं इंसान हैं, गलतियां सकारे |


माता-पिता-गुरुजनों पर लुटाये स्नेह ,
जैसा उनसे बचपन में मिला-अनमिला |
भाई,बहन, दोस्तों से निभाए रिश्ते |
बीवी-बच्चों को दे ढेर सारा प्यारा समय |
अपनों पे खीजना, गुस्सा होना करें कम |


नए साल में ज्यादा ना सोचे,ना ही करे चिंता |
उपलब्धि पर गर्व ना करे, ना हो हार की कुंठा |
नए साल में नाहीं पाले चाह किसी आकाशकुसुम की |
जैसे हम हैं, उसी में सुधरें, बस ये हो उत्कंठा |
जीवन सरल रहे, जटिल की ना हो कोई आकांक्षा |



सुगम, सहज, स्वस्थ, सस्नेह, सहर्ष जीवन की
आप सबों को मेरी शुभ-मंगलकामनाएं ||