नशा शराब का ज्यादा है या कि साकी का
नशा शराब का ज्यादा है या कि साकी का ! छुपी कशिश का असर ज्यादा या बेबाकी का !! बहुत सी ठोकरें खायी, मगर अभी तक भी ! दिल-ए-नादाँ ने सीखा सबक ना चालाकी का !! पूस की रात कितनी आयी-गयी मगर हल्कू ! समझ ना पाया अब तक हिसाब बाकी का !! देवता और शैतान दोनों का ही ये पहनावा है ! समझ में आता नहीं कैरक्टर यारों खाकी का !! समय के साथ दिल की दुनिया बदल गयी कितनी ! गया बचपन के साथ शौक ताजिये की झांकी का !! अपनी ऐय्याशियों के बीच जरा देखो इधर ! कितने लोगों के लिए जिन्दगी मायने है फाकी का !!