शुक्रवार, जुलाई 28, 2017

मन का टुकड़ा मनका बनाकर

मन का टुकड़ा
मनका बनाकर
मनबसिया का ध्यान करूं |

प्रेम की राह बहुत ही जटिल है ;
चल- चल कर आसान करूं |

(१५ जुलाई २०१७, रात्रि  )

भागते भूत की लंगोटी

मन मोती-सा, हृदय कोयला, बुद्धि रह गयी थोथी |
प्यार में भागते भूत को पकड़ा,
हाथ न आयी लंगोटी |

(१५ जुलाई २०१७, रात्रि )