शनिवार, फ़रवरी 20, 2010

धडकनों का इंस्पेक्शन

तेरी यादें जब भी दिल के गलियारे से गुजरती हैं

धडकनें थोड़ी टेंशन में, खड़ी attention में

उसको देख कर बजाती है

एक कड़क-सा सैल्यूट.



तुम्हारी यादें

धडकनों का इंस्पेक्शन करती हैं

चेक करती हैं कि धडकनों कि वफादारी

किसी और के लिए तो नही..

धड़कने किसी और के लिए तो नही

धड़कती हैं..



और फिर एक गर्व भरी टेढ़ी-सी

मुस्कान लिए अपने चेहरे पर

दिल के गलियारों से आगे बढ़ लेती है.



धडकनों को तो ये भी पूछने का हक नही

कि तेरी यादें किसी और की धडकनों की

सलामी तो नही लेती....?

2 टिप्‍पणियां:

singhsdm ने कहा…

keshav bhai
a very good effort for triveni.....i like to read triveni's. Ur trivenis are really really good.

KESHVENDRA ने कहा…

Shukriya Pawan Bhai...Triveni me or nikhar lane ke mere prayas chalte rahenge. Aapko, Bhabhiji ko or Bachchon ko meri or se Holi ki dher sari shubhkamnaen!